Principal Message

प्राचार्य का सन्देष

उच्च षिक्षा केन्द्र व्यक्तित्व के सर्वागींण विकास के सषक्त माध्यम हैं, जो मानवीय मूल्यों के संवर्द्धन के साथ वैज्ञानिक और अनुसंधानपरक ज्ञान को समृद्ध करते हैं। ज्ञान के बिना मनुश्य की मुक्ति असंम्भव है- सा विद्या या विमुक्तये। हमारा प्रयास है कि यहाँ के षिक्षार्थी संयमी बन आत्म साक्षात्कार, करें विष्व की चुनौतियों के अनुरूप ढलें, ज्ञानार्जन कर जीवन के हर क्षेत्र में दक्ष बनें, अनुषासन, नैतिक मूल्य, व्यावाहारिकता, पे्रम बंधुत्व और समाज सेवा को अंगीकार कर संपूर्ण मनुश्य बनें। हमारे विद्यार्थी पाठ्यक्रम से इतर क्षेत्रों में ज्ञानार्जन कर सकें, रोजगारोन्मुख षिक्षा की भी सुविधा प्राप्त कर सकें, रोजगारोन्मुख षिक्षा की भी सुविधा प्राप्त कर सकें, अध्ययन-षोध के साथ सांस्कृतिक अभिरूचि सम्पन्न हो सकें, इस हेतु उचित वातावरण तैयार किया जा रहा है।

हमारे षिक्षक निरंतर विद्यार्थी बने रहने में ही गौरव अनुभव करें, अपना सर्वोत्तम प्रदान करने में उद्यत दिखें, अध्ययन-मनन-चिंतन को ही बुद्धि बिलास समझें, वाहय षिक्षण के साथ आंतरिक षिक्षण हेतु प्रोत्साहित करें और नैतिक उत्तरदायित्व की भावना से आप्लावित हो विद्यामंदिर का अर्चन-संरक्षण करते हुये आनंद की अनुभूति करें। आज यह महाविद्यालय अपने आदर्ष महापुरूशों पर गौरवान्वित है और विद्यार्थी, षिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक सभी उनके मार्ग पर चल कर उनकी षाष्वत महिला में श्रीबृद्धि करने को उत्सुक और वचनबद्ध हैं। महाकवि जयषंकर प्रसाद के अनुसार हम सब का भी यही ध्येय है - औरों को हंसते देखो मनु, हंसो और सुख पावो। अपने सुख को विस्तृत करो, सबको सुखी बनावो।।

Dr Bal Krishna Pande