History

महाविद्यालय का परिचय

विभिन्न संजीवनी जड़ी बूटियों के प्राकतिक रमणय परिवेश में गतिशील कें नदी के प्रवाह से उर्जएस्वित महर्षी बामदेव की तपोभूमि से संस्कारित, एकता, अखंडता के लिए निरंतर प्रतिबद्द बांदा नगर में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बांदा की स्थापना १५ अगस्त १९७८ को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनहित में की गई । सर्वप्रथम ३४ छात्राओं द्वारा सात विषयों में इस महाविद्यालय की कक्षाएं शुरू की गई । प्रगति का प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करता यह महाविद्यालय आज अपने ३४वे सोपान पर बड़ी द्र्दता के साथ खड़ा है । सम्प्रति महाविद्यालय में कुल १२५० छात्राएं २२ प्राध्यापक/प्रध्यापिकाएं, ०७ श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत है। इस समय कला संकाय में स्नातक स्तर पर १२ विषय और परास्नातक स्तर पर हिंदी और समाजशास्त्र विषय में अध्ययन की सुविधा प्राप्त है । २००५-२००६ से महाविद्यालय में विज्ञानं संकाय भी सुचारू रूप से गतिशील है । निरंतर प्रगतिशीलता का सुखद परिणाम यह है कि उ० प्र० के दस महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा के उत्क्रषटता केंद्र के रूप में इस महाविद्यालय का चयन किया गया। यहाँ Biotechnology, Microbiology, Micro Bio Science, Environment Science, जैव प्रोधिकी, B.C.A, M.C.A, पत्रकारिता एवं जनसंचार जैसे पाठ्यक्रमो का क्रियान्वयन शासन में विचाराधीन है ।

उच्च शिक्षा में गुरवत्ता के लक्ष्य के प्रति महाविद्यालय कृत संकल्प है उ० प्र० शासन द्वारा उच्च शिक्षा को सर्व सुलभ बनाने गुणत्मक सुधार लाने एवं इसके आधुनिकरण कि दिशा में नए आयाम जोड़े जाने हेतु महाविद्यालय में रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध करने का निर्णय लिया गया है, जिससे उच्च शिक्षा अधिक सार्थक और अर्थ पूर्ण होकर समाज के दलित शोषित एवं पिछड़े वर्ग के लिए भी सुलभ एवं उपयोगी हो सके। इस दिशा में वि. वि. अनुदान आयोग एवं ISRO द्वारा महाविद्यालय में कंप्यूटर नेटवर्क रिसोर्से सेण्टर के अन्तरगत वरचुअल क्लास रूम की स्थापना की गई है।

महाविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली से धारा २ (एफ) एवं १२ (बी) के अंतगर्त मान्यता प्राप्त है, जिससे महाविद्यालय को आधारभूत सुविधाओं की प्राप्ति हेतु पर्याप्त अनुदान प्रत्येक पंचवेर्षीयें योजना के अंतगर्त स्वीकृत किया जाता है इस महाविद्यालय में नियमित कक्षायों के साथ समय समय पर शिक्षनेत्तर गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। महाविद्यालय के विज्ञानं संकाय की समस्त्त प्रयोगशालाएं आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, पुस्त्कालएं तथा वाचनालायें में उत्त्क्रस्त पुस्तकें, समाचार पत्र- पत्रिकाएं तथा संदर्भ ग्रन्थ उपलब्ध है। सेवा योजना, क्रीडा एवं रेंजेर्स के माध्यम से छात्राओं सर्वांगींण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।