Committee

अनुशासन एवं आचार संहिता:

महाविद्यालय में विद्यार्थियों की आवांछित गतिविधियों की देखरेख करने तथा अनुशासन व्यवस्था को सुद्रढ़ बनाने के लिए शास्ता मंडल गठित है, जिसके नियम एवं आचार- संहिता का पालन करना, प्रत्येक छात्रा को अनिवार्य होगा। जो छात्रा इन नियमों का उल्लंघन करेगी, मुख्य शास्ता द्वारा उसके अभिभावक को लिखित चेतावनी दी जाएगी तदोपरांत सम्बंधित विद्यार्थी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कर महाविद्यालय से निष्कासित किया जा सकता है। ये नियम निम्नवत है:
  • प्रवेश- पंजीकरण के पश्चात शास्ता मंडल प्रत्येक छात्रा को एक परिचय पत्र निर्गत करेगा, जिसे महाविद्यालय परिसर में अपने पास रखना अनिवार्य है,
  • समय-समय पर विद्यार्थियों के परिचय पत्रों का निरीक्षण किया जायेगा। निरीक्षण के समय परिचय पत्र न पाए जाने पर उन्हें आर्थिक दंड दिया जा सकता है। तथा उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।
  • यदि कोई छात्रा महाविद्यालय परिसर अथवा कक्षा में किसी बाहरी व्यक्ति अथवा अवांछनीय तत्वों को लाती है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
  • किसी विद्यार्थी द्वारा महाविद्यालय परिसर में अस्त्र- शस्त्र लेकर आने पर उसे महाविद्यालय से निष्कासित किया जा सकता है।
  • कक्षा में ऐसी कोई अव्यवस्था उत्पन्न करने जिससे अध्ययन - अध्यापन में व्यवधान उत्पन्न होता है, सम्बंधित दोषी विद्यार्थी को महाविद्यालय से निष्कासित किया जा सकता है।
  • अपने विषय के अतिरिक्त किसी अन्य विषय की कक्षा में किसी भी विद्यार्थी को बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • महाविद्यालय की प्रगति और विकास में योगदान करना प्रत्येक छात्रा का दायित्तव है। इस परिप्रेक्ष्य में यदि कोई छात्रा महाविद्यालय की संपत्ति को हानि पहुचाती है, सौंदर्य को विनष्ट करती है ( जैसे फूल तोडना, जहाँ- तहां गंदगी फैलाना और महाविद्यालय परिसर की दीवारों पर लिखना, गुटखा खाकर आना / थूकना आदि ) पुस्तकालय तथा वाचनालय में शोर करती है, कक्षा में अशांति फैलाती है, रिक्त वादन में ब्लैक बोर्ड पर चाक इत्यादि से अनावश्यक रूप से लिखती है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसलिए महाविद्यालय की संपत्ति, भवन, पुस्तकालय तथा वाचनालय आदि की सुव्यवस्था, सुरक्षा और स्वच्छता में योगदान करना, प्रत्येक छात्रा के परम कर्त्तव्य है।
  • महाविद्यालय परिसर में धूम्रपान, पान मसाला, गुटखा, खैनी आदि का सेवन वर्जित है।
  • महाविद्यालय की समस्त्त परीक्षाओं में शांति और सुव्यवस्था को बनाये रखने में प्रत्येक विद्यार्थी अपना पूरा सहयोग देगा।
  • प्रत्येक छात्रा प्रध्यापिकयों / प्राध्यापकों एवं महाविद्यालय परिवार के समस्त्त कर्मचारियों से विनम्रतापूर्वक व्यवहार करेगी।
  • जो विद्यार्थी किसी भी प्रकार से अनैतिक आचरण के दोषी पाए जायेगे उन्हें महाविद्यालय से शुल्क मुक्ति, पुस्तकालय सहायता, छात्रवृत्ति, निर्धन सहायता नहीं दी जाएगी। यदि सुविधा मिल रही है , तो तत्काल ही समाप्त कर दी जाएगी। ऐसे विद्यार्थी किसी परिषद् आदि के पदाधिकारी भी न रह सकेगे एवं उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कर महाविद्यालय से निष्कासित किया जा सकता है ।
  • रैगिंग दंडनीय अपराध है। जो छात्राएं दोषी पाई जाएगी उनके विरूद्ध नियमानुसार दंडनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

क्रीडा:

महाविद्यालय में समस्त छात्राओं के सर्वंगीण विकास हेतु क्रीडा सम्बन्धी कार्यक्रम क्रीडा परिषद् द्वारा आयोजित एवं संचालित होते है। महाविद्यालय में छात्राओं के लिए विभिन्न इनडोर और आउट डोर खेलों की सुविधा उपलब्ध है। प्रत्येक वर्ष महाविद्यालय में वार्षिक क्रीडा प्रतियोगिता आयोजित की जाति है। विभिन्न क्रीडा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छात्राओं को पर्याप्त सुविधाएँ एवं प्रोत्साहन दिया जाता है। इच्छुक छात्राएं क्रीडा सम्बन्धी विशेष जानकारी हेतु प्रभारी क्रीडा से संपर्क कर सकती है।

राष्ट्रीय सेवा योजना :

महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाई कार्यरत है विद्यार्थियों में अनुशासनबद्ध होकर राष्ट्र सेवा की भावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से स्थापित इस योजना में महाविद्यालय के स्नातक कक्षाओं के छात्राएं सदस्य हो सकती है। पंजीकरण हेतु प्रत्येक प्रवेशार्थी को निर्धारित तिथि के अंर्तगत आवदेन पत्र जमा करना होगा। पंजीकरण का आधार प्रवेशार्थी की बौद्धिक एवं शारीरिक श्रम सम्बन्धी परीक्षा होगी। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवदेन पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा। तृतीय वर्ष के किसी छात्रा का नवीन पंजीकरण नहीं किया जायेगा। प्रत्येक छात्रा को राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत वर्ष भर में १२० घंटे कार्य करना अनिवार्य है, इसके अतिरिक्त रत दिन के सात दिवसीय एक शिविर का आयोजन किया जाता है, जहाँ छात्राओं को शिविर स्थल पर ही रहना होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर हेतु ५०-५० छात्राओं का चयन सामान्य कार्यक्रम के लिए चयनित छात्राओं में से उनके कार्य, व्यवहार, उपस्थित एवं अनुशासन के आधार पर किया जाता है ।

महाविद्यालय पत्रिका :-

'सुरसरी' के नाम से महाविद्यालय की एक पत्रिका प्रकाशित होती है जिसमे छात्राओं की रचनाओं के साथ महाविद्यालय की शिक्षनेत्तर गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विवरण प्रकाशित किया जाता है।

विभागीय परिषद् :

प्रत्येक विभाग में एक विभागीय परिषद् होती है। उस विषय \ विभाग की समस्त्त छात्रा उस परिषद् की सदस्य होती है। विभाग प्रभारी परिषदों के पदेन निदेशक होते है और अन्य पदाधिकारी छात्राओं में से मनोनीत किये जाते है। विभागीय परिषद् के तत्वाधान में केवल शैक्षणिक कार्यकलाप जैसे निबंध, वाद- विवाद प्रतियोगिताएं, विचार गोष्ठी, शैक्षिक भ्रमण, विद्वानों के व्याख्यान, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि का आयोजन किया जाता है